एक यात्रा
अचानक बनी यात्राएं कितनी सुखद होती हैं ऐसी ही एक यात्रा थी नीति महादेव मंदिर की।ऊँँचे नीचे पहाड़ पर चलती हमारी गाड़ी और उसके बाद गाड़ी का रास्ता बंद । अब आगे की यात्रा पैदल ही तय करनी है ।नदी के साथ-साथ पैदल चलते जाने का आनंद ही कुछ और होता है ।कहीं खेत के बीच से जाना है ,तो कहीं पतली पगडंडी से शारीरिक संतुलन बनाते हुए और आखिर हम पहुँँच गए उत्तराखंड के अमरनाथ *नीति महादेव मंदिर* बारिश की बूंदों के साथ साथ हमारे हौसले भी बुलंद थे। नीति महादेव मंदिर सर्दियों में बर्फ से ढका रहता है और शिवलिंग अमरनाथ के शिवलिंग जैसा प्रतीत होता है । आज ऐसा लग रहा था मानो वर्षा की बूंदे स्वयं महादेव का जलाभिषेक कर रही थी मौसम और पवित्र वातावरण भाव विभोर करने वाला था ।उस स्थान को छोड़कर लौटने का मन ही नहीं कर रहा था ,लेकिन आना तो था ही----